CM Swadeshi Gau-sanwardhan Yojna: उत्तर प्रदेश के किसानों और पशुपालकों के लिए एक खुशखबरी है. योगी सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से गाय पालन के लिए अनुदान योजना शुरू की है. इंडिया टुडे के 'किसान Tak' से बातचीत में मेरठ के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत गिर, साहीवाल, थारपारकर और हरियाणा नस्ल की स्वदेशी गायों की खरीद पर किसानों को अधिकतम 80,000 रुपए तक का अनुदान मिलेगा. इस योजना का लाभ छोटे पशुपालक उठा सकते हैं, जिसमें दो गायों की पशुपालन इकाई के लिए अनुदान दिया जाएगा. यह योजना पशुपालकों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने में मदद करेगी.
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कब तक कर सकते हैं आवेदन?
डॉ. राजेंद्र कुमार शर्मा ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के तहत स्वदेशी नस्ल की गाय पालने पर 10 से 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी. इसके अलावा, नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 25 गायों की डेयरी स्थापित करने पर अधिकतम 31.25 लाख रुपये प्रति इकाई का अनुदान मिलेगा. यह योजना पशुओं की नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के उद्देश्य से लागू की गई है. पशुपालक 17 अक्टूबर 2024 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. यह योजनाएं पशुपालकों के लिए आय बढ़ाने और डेयरी उद्योग को सशक्त बनाने में मददगार साबित होंगी.
कैसे होगा लाभार्थी का चयन?
डॉ. राजेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि अनुदान प्राप्त करने के लिए लाभार्थी को विभिन्न मदों में दस्तावेज जमा करने होंगे, जिनमें भारतीय नस्ल की दो गायों (हरियाणा, साहीवाल, थारपारकर और गिर) की खरीद, ट्रांजिट बीमा, भाड़ा, तीन साल के बीमा की रसीद, चारा काटने की मशीन की खरीद और पशु शेड निर्माण के बिल शामिल हैं. इन सभी दस्तावेजों के साथ फार्म मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय में जमा करना होगा. दो गायों की इकाई की अधिकतम लागत दो लाख रुपये तय की गई है. इस योजना के तहत 40 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा, जिसकी अधिकतम राशि 80,000 रुपये होगी.
कैसे हासिल करें इस योजना का लाभ?
उत्तर प्रदेश में फिलहाल मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना पहले से चल रही है. अगर आप गाय पालते हैं या पालन करने की योजना बना रहे हैं, तो आप इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. इसके तहत डेयरी किसानों को देशी नस्ल की गायें जैसे साहीवाल, गिर, गंगातीरी और थारपारकर का पालन करना होता है. यह योजना अधिकतम दो गायों के पालन पर लागू होती है. योजना का लाभ लेने के लिए आपको नजदीकी पशुपालन विभाग में संपर्क करना होगा. इसके अलावा, इस योजना की विस्तृत जानकारी आप ऑनलाइन भी प्राप्त कर सकते हैं, जिससे आवेदन प्रक्रिया आसान हो जाती है.
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