Kanpur: ईद के मौके पर कानपुर में एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था. वीडियो में समाजवादी पार्टी के विधायक अमिताभ बाजपेयी और कांग्रेस नेता और कानपुर लोकसभा प्रत्याशी आलोक मिश्रा थाने के अंदर बैठे थे. इस दौरान सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी ने पुलिस अधिकारी से गुस्से में कहा था कि अगर हिम्मत है तो रामनवमी के मौके पर ये करके दिखाए.
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बता दें कि सपा विधायक और कांग्रेस नेता ने थाने के अंदर पुलिस अधिकारियों से खूब विवाद किया था, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गई थी. अब इसी को लेकर पुलिस ने सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी और कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. इन दोनों समेत पुलिस ने 200 लोगों के खिलाफ धारा-144 के उल्लंघन, पुलिस से गलत भाषा में बात करने और सरकारी काम में बाधा डालने जैसी धाराओं में भी केस दर्ज किया गया है. बता दें कि पुलिस ने वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए और सीसीटीवी वीडियो की रिकॉर्डिंग देखकर सपा विधायक और कांग्रेस नेता समेत कई लोगों के खिलाफ ये सख्त कार्रवाई की है.
क्या था ये पूरा मामला?
कानपुर पुलिस के मुताबिक, अरमापुर ईदगाह में परंपरागत तरीके से इस बार भी नमाज होनी थी. तभी वहां समाजवादी पार्टी के नेता सम्राट विकास पहुंच गए. वह वहां पार्टी का झंडा और बैनर लगाने लगे और लोगों को लस्सी बांटने लगे. मौके पर मौजूद पुलिस ने सपा नेता से इसे हटाने के लिए कहा. मगर सपा नेता सम्राट विकास पुलिस से ही भिड़ गए. यहां तक की सपा नेता ने डीसीपी से भी विवाद करना शुरू कर दिया.
पुलिस का आरोप है कि सपा नेता लोगों को सड़क पर भी नमाज पढ़ने के लिए उकसा रहे थे. इसके बाद पुलिस ने सपा नेता को हिरासत में ले लिया था और उन्हें थाने ले आई थी. जैसे ही इस बात की जानकारी सपा नेताओं और कांग्रेस नेताओं को पता चली, सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी और कांग्रेस नेता आलोक मिश्रा थाने पहुंच गए थे.
इस दौरान सपा विधायक अपना आपा खो बैठे. सपा विधायक ने थाने के अंदर पुलिस अधिकारियों से कहा कि मुसलमान हैं तो आप कैसे भी बात करने लग जाएंगे. आपकी औकात है तो राम नवमी में यही करके दिखाना. हम देखेंगे औकात क्या है. तब देखते हैं कि डीसीपी क्या करेंगे. इसके बाद सपा और कांग्रेस के नेता धरने पर बैठ गए थे. अब पुलिस ने इसी मामले को लेकर केस दर्ज कर लिया है.
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